रात और दिन क्यों सोते हैं।

नींद कोई बुरी चीज नहीं है। यह हमारे शरीर के स्वास्थ्य के लिए एक अच्छी बात है और शोधकर्ताओं द्वारा यह सिद्ध हो चुका है कि शरीर के लिए कितनी जरूरी है उतना ही जरूरी है याददाश्त के लिए भी नींद कीआवश्यकता होती है डॉक्टरों और मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि एक व्यक्ति के लिए लगभग 6 घंटे की नींद पर्याप्त है हर दिन, एक समान निष्कर्ष 1 घंटे से कम हो सकता है, लेकिन केवल 6 घंटे को सर्वोपरि माना जाता है और अगर कोई व्यक्ति 6 घंटे से कम या अधिक सोता है, तो एक व्यक्ति की मानसिक और भौतिक आवश्यकताओं के आधार पर, एक या दो दिन सो सकते हैं; उदाहरण के लिए, गांधीजी केवल 4 घंटे सोते थे, श्रीमती इंदिरा गांधी, यहां तक कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम भी 4 घंटे के लिए 3:30 सोते थे, बहुत से लोग जो बहुत कम सोते थे, क्योंकि वे अपने काम की वजह से तनाव में रहते थे यदि आप अपने काम का तनाव रखें, तो आपको बहुत कम नींद आएगी, क्योंकि नींद आती है क्योंकि आप नहीं चाहते कि आप उठें और इस स्थिति को बदलने के बाद आपको क्या करना है, नींद आनी बंद हो जाएगी।

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